हिन्दी चिट्ठा जगत के दो महारथीयोँ रवि और उमुक्त को मेरा धन्यवाद जो मेरे बकवास मे अपनी आस्था दिखाई. भैय्ये अपनी आस्था बनाए रखेँ देखिए मेरे बकवास को कैसे उर्जा मिलती है.
कैमरा वाला गुण्डा .... आप पुछेंगे क्या बकवास है. चाकू वाला गुण्डा सुना था, पिस्तौल वाला गुण्डा सुना था.... लेकिन ये कैमरा वाला गुण्डा ... क्या बकवास है. जी हाँ आपका प्रश्न सही दिशा मे है, और यह एक बकवास ही है लेकिन बात ही कुछ ऐसी है कि इस महत्वपूर्ण चिट्ठे पर इन छोटे-छोटे बकवास को तवज्जो दी जा रही है. यह तो बडे बकवास के लिए बनाया गया था. अजी मियाँ बात ही कुछ ऐसी बन गयी है ऐसा भी बकवास यहाँ पर करना पड़ रहा है.
चलिए अब विषय पर आते हैं. बचपन मे स्कूल और बाद मे कालेज मे देखा था कि कुछ लोग सिर्फ इस बात पर गुण्डा गर्दी करते थे क्योंकि उनके पिताजी, चचाजी या तो पुलिस मे थे या नेता थे. वे लोग अपने सहपाठी को धमकाया करते थे कि मेरे चाचा दरोगा हैँ, विधायक हैँ. या लोगों मे काना फुसी हुआ करता था कि इन अमुक छात्रोँ से बकवास करना व्यर्थ है, ना जाने क्या कर देँ. लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के साथ ही आजकल एक नये किस्म का गुण्डा बाजार मे कदम रखा है. और मजे कि बात यह है कि इन गुण्डों का कोई माई-बाप नही है. इनके लिए कोई कानून नही है. और इनकी हिम्मत तो देखिए, ये जो चाहे सो करवा सकता हो. चोरी हो, अपहरण हो या फिर हत्या हो कुछ भी सही. ये सारे काम इनके बाँए हाथ का काम है. जी हाँ आप ज्यादा मत नरभसाइए हम कुकुरमुत्ते की तरह फैले न्यूज चैनलोँ की बात कह रहे हैँ. और उनके गुण्डे यानी उनके रिपोर्टर का एक ही धर्म है "टी.आर.पी.". या यूँ कहिए कि इस प्रकार के गुण्डागर्दी का एक ही मकसद होता है "टी.आर.पी.". इनका मैनेजमेन्ट बिल्कुल कार्पोरेट लेवेल का. तुरन्त निर्णय और तुरन्त एक्शन.
चलिए और विस्तार से बात करते हैँ. गुण्डागर्दी की इन समुदाय मे एक गुण्डा है जो "आज-तक" नाम से विख्यात है और उनका कहना है कि वो सबसे तेज है. मेरा भी ऐसा नही मानना था लेकिन लोगोँ से सुनी हुई बातों का तब विश्वास हुआ जब अपने ही आँखो से इनकी दो करनामोँ को इस सप्ताह मे टी.वी. पर देखा (१) पहला मामला था श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के बीच खटपट का, और (२) दूसरा मामला था ईलाहाबाद के एक मिस्टर ऐश्वर्य सिँह का.
हुआ ये कि श्वेता तिवारी नामक एक युवती (इससे पहले मै यह नाम कभी नही सुन था) जो कि टी.वी. चैनल मे काम करती थी का अपने पति राजा चौधरी से खटपट हो गया. खटपट का कारण राजा चौधरी का शराब पीना बताया जा रहा था. अब आप ये मुझे बताईए १०० करोड़ भारतीय मे कितने लोग नियमित शराब पीते हैँ ? लगभग ३० करोड़. जी हाँ यह अमेरिका की जनसँख्या के बराबर है. और ३० करोड़ लोगों मे से कितने लोग शराब पीकर खटपट करते हैँ. इसका कोई अधिकारिक जानकारी मेरे पास नही है. लेकिन यदि मै यह मान लूँ कि नियमित शराब पीने वालोँ का केवल १% (एक प्रतिशत) नशे मे खटपट करते है तो भी दारू के नशे मे रोज लडाई करने वालोँ की सँख्याँ ३० लाख होगी. इन नशेरीयोँ की विशेषता यही होती है कि नशे मे अपने बीबी के साथ गलत व्यवहार करते है और बात मे पछताकर माफी माँगते हैँ. यानी इन नशेरीयोँ को कुछ मायने मे, मै असमाजिक तत्व नही मनता हूँ. तो इन तीस लाख लोग मे भाई राजा चौधरी भी थे जो शराब पिया करते थे. और आज-तक का मानना था कि ये भाई साहब नशे मे अपने बीवी के साथ गलत व्यवहार (मार-पीट पढ़ें) करते थे. सो श्वेता ने राजा का घर छोड अपने मैके चली गयी.
ये कैमरे वाला गुण्डा, आजतक ने, इसी को विश्व भर मे होने वाले तमाम घटनाओँ के बीच मे इसको सबसे महतोअपूर्ण घटना मानकर अपने रीपोर्टर को कवरेज के लिए भेजा. भैय्या राजा चौधरी अपने दोस्तो के साथ थे. और वह रिपोर्टर लगी प्रश्न पर प्रश्न दागने. कमसे कम १०० प्रश्न घुमा घुमा कर पुछा गया (मानो राजा चौधरी के टौरचर करने का सम्मन कोर्ट से अपने साथ लाई हो).
प्रश्न था... आप शराब क्योँ पीते हैँ... किसके साथ पीते है... कहाँ पीते हैँ, शराब पीकर आप अपने बीबी को कितनी बार मारते हैँ, आपकी बीबी अपने मायके क्योँ गई... अब तक कितनी बार गई....
भाई साहब, राजा चौधरी इतने सवाल सुनकर नरभसा गया.. कुछो समझ मे नही आ रहा था... बोला, "बहन जी मैने शराब नही पी". रीपोर्टर बोली... नहीँ मुझे पुख्ता सूत्रोँ से पता चला है कि आपने शराब पी है. राजा बोला, "मैने नही पी..." रीपोर्टर बोली "तुमने पी..."
नरभसाया हुआ राजा चौधरी को कुछो समझ मे नही आ रहा था... एकदम से घबराया हुआ था, उसे गुस्सा भी आ रहा था... जब शराब नही पी तो केवल टी.आर.पी. महात्म्य के लिए कैसे बोले कि पी... यदि बोल देता तो उसक पब्लिक इमेज खराब हो जाता.... सो उसने उस कैमरे वाला गुण्डा (वास्त्व मे गुण्डी) को अपने तरफ खींचा और उसके मुँह पर फूँक-कर बोला लो सूँघो कि मैने दारू पी या नहीँ.
बस इतना करने भर की देरी थी. टी.आर.पी. मे जान फूँक दिया.... उस गुण्डी (यदि मै गलत लिख रहा हूँ तो कोई सज्जन गुण्डा का स्त्रीलिँग बताएँ) ने जाकर राजा चौधरी के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाया दिया... समाचार पर समाचार दिखाए जाने लगे. उसके बाद श्वेता से बात करने की कोशिश की जाने लगी. श्वेता तिवारी ने मोबाईल बन्द कर दिया. भारतीय पति-पत्नी के ९९% प्रेम कहानीयोँ मे यही होता है. झगड़ा होने पर एकदूसरे को बुरा भला... लेकिन मजाक है कि कोई दूसरा आदमी उनके झगड़े का मजाक उडाए. श्वेता ने भी ऐसा ही किया. अपने रिश्ते की बदनामी से बेहतर उसने मोबाईल बन्द करना उचि समझा.
उस कैमरे वाली गुण्डी को यह नागवार गुजरा. श्वेता तिवारी की बचपन से लेकर अभी तक का इतिहास दिखाए जाने लगा. उस इतिहास मे एक चैप्टर था श्वेता तिवारी का कालेज के दिनो मे प्रेम प्रँसँग, किसी मोण्टी नामक नौजवान से. उस रात श्वेता तिवारी- राजा चौधरी के उपर मे एक विशेष रिपोर्ट दिखाया गया. मतलब यह समझ लीजिए कि पिछले जनम का कोई पाप किया होगा राजा श्वेता ने कि इन गुण्डोँ के हाथ लग गए.
दोस्तोँ जब दिन-रात ये बकवास आज-तक चैनल पर हो रहा था तो दुनियाँ के दूसरे हिस्से मे निम्न घटनाएँ असमान्य रुप से घटित हो रही थी...
(१) सुनीता विलियम्स का अन्तरिक्ष यान से धरती पर आने की तैयारी अपने चरमोत्कर्ष पर थी.
(२) भारत मे यू.पी.ए. सरकार ने प्रतिभा पाटिल को राष्ट्र्पति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था.
(३) बिहार मे १०० से ज्यादा गाँव बाढ़ से घिर गया था और देश के बाँकी हिस्से से उसका सम्पर्क टूट गया था.
(४) बिहार के शहाबुद्दीन को अभी तक सजा नही मिल पाया था.
(५) भारत की मुद्रास्फीती की दर ५.०% से नीचे रह गई थी और अभी तक का यह रिकार्ड है.
उस रात को सो नही पाया. अपनी सारी गल्ती याद आने लगी. पिछले एक साल मे अपनी पत्नी को चार बार बोला था कि खाना अच्छा नही बना. भैय्ये बहुत डर गया हूँ मै. डर लगता है ये कैमरे वाले गुण्डे कब दस्तक दे दे. और पुछने लग जाए कि मैं अपने बीबी को दहेज के लि क्योँ प्रताड़ित कर रहा हूँ. भगवान ही मालिक होगा मेरे और मेरे इस बकवास नामक चिट्ठा का.
अबकी बार जरूर लिखिएगा कैसा लगा मेरा यह बकवास. टिप्पणी देने के लिए लिँक नीचे दिए गए हैँ.

5 comments:
बहुत खूब, पसंद आई आपकी यह बकबक!!
बहुत सटीक लिखै हो भैय्या!
करते रहिये, हम सुनने के लिये हैं ना !
घुघूती बासूती
आपने सच हीं लिखा है, बकवास नहीं किया है। यूँ हीं लिखते रहिए, हम फिर से आते रहेंगे।
सँजीत जी, घुघूती बासूती और तन्हा कवि को मेरा बकवासी सलाम. हम तो बकवास ही करने के लिए पैदा हुए हैँ, यह आपलोगोँ की महानता है कि मेरे बकवास मे भी आप कुछ अच्छाईयाँ ढूँढ़ लेते हैँ. मेरा बकवास जारी रहेगा ऐसा मेरा वादा है
sir jee..nice article...it was sarcastic but intelligent !! do wrinting all these stuffs and try to get more atention by ...may be cintacting some moer jounarlism sites etc...u wil have great time in that field ...!!
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