अभी बँगलोर से पुने आया था, होटल मे पडे सड़ रहा था सोचा आज फिर से आजतक देखिए लेते हैँ. समय काटने का अच्छा बहाना है, है कि नही ? पिछले बार जब आजतक के पुण्य प्रसून बाजपेयी का मिट्टी पलीत किया था तो खबर बी.बी.सी. को भी लग गई थी. और मेरे उस ब्लोग को बी.बी.सी. वाले भय्ये लोग (और आन्टी लोग भी) जम कर पढे थे. (बाएँ वाली फोटू पर क्लिक करके देखें. यह मेरे ब्लोग का विसिटर प्रोफाइल का साँख्यिकी statitics है. )मेरे काउन्टर का जिन्न मुझे बता रहा थ कि बी.बी.सी. के दो तीन आफिस से उसको पढा गया. चलो लगे हाथ हम इसपर बी.बी.सी. वाले भैय्ये और आन्टी को धनवाद देइये देते हैँ. कम से कम ऊ लोग फिर से ईहाँ आकर इसको पढेँगे. वैसे तो हमे बी.बी.सी. वालोँ से कोई शिकायत नही हम तो इण्डियन चैनल के लिए मरते हैँ.
चलिए विवाद को बिना गहरा करते हुए अपने विषय पर आते हैँ. कल मैने आजतक पर देखा कि आजतक वाले बी.बी.सी. वालोँ की तरह साफ सुथरे खबर दिखा रहे हैँ. कल का खबर देखकर मुझे पुराने दिनो वाली दूरदर्शन वाली समाचार की बात याद आ गई. मैने सोचा ये आजतक वाले इतने शरीफ कैसे हो गए. फिर लगा ओ इनलोगो को कोई ढँग का खबर मिलिए नही रहा है. तो बेचारे लोग करेँगे क्या? अच्छी अच्छी खबर दिखाएँगे, है की नहीँ ? तो सोचा लगे हाथ आजतक को सलाह देइये देते हैँ. तो आजतक वाले भैय्ये अपना मुड खराब करने का कोनो जरूरत नही है. जरा स्टोरी मे थोड़ा ट्विस्ट करने की बात है (और उसमे तो आप माहिर हैँ ही) और आपके टी.आर.पी मे जान फुक देगी.
नन्दी ग्राम मे सी.पी.एम वालोँ ने जो कुछ किया उसमे आपको अपना रोटी सेँकने का बहुत ही अच्छा मौका था. मसलन आप खबर प्रसारित कर सकते थे कि नन्दीग्राम का हिँसा नरेन्द्र मोदी ने ही करवाया. बल्कि नरेन्द्र मोदी ने मीडिया का ध्यान अपने तरफ़ से हँटाने के लिए नन्दी ग्राम का हिँसा करवाया. कुछ लोगोँ को पकड़ लेते सौ-सौ रुपैय्या हाथ मे देते, तहलका वाले के खुफिया टीम को उनलोगों से कहलवाते कि हाँ नन्दीग्राम का सारा हिँसा नरेन्द्र मोदी ने करवाया. क्योँकि आपके पिछले वाले सनसनीखेज खुलासा मे बाबु बजरँगी ने नरेन्द्र मोदी का नाम ही लगाया था. बताइये कितना अच्छा होता. आपके ०९:३० बजे रात को खबर प्रसारित होता और शीर्षक होता "नन्दीग्राम का हिँसा और नरेन्द्र मोदी का सच". और आपको तो पता ही है हमारी जनता जो है वो कितना मूर्ख है. आपके बात पर थोड़ा सा शंका भी नही होता और उपर से नरेन्द्र मोदी का मामला पहले से गरम था. आपने झूठ-मूठ का कितना टी.आर.पी. खोया है.
रुकिये खबर बनाने के लिए मै आपको कुछ और गुरु मन्त्र दिए देता हूँ. अब जो दिल्ले मे ब्लू-लाइन वाले यमराज मौत का बस लिए दिल्ली के सड़कोँ मे घुमते रहते हैँ, उसमे भी आप नरेन्द्र मोदी को शामिल कर सकते हैँ. वैसे तो ब्लू-लाइन से आदमी पहले भी मरता रहा है, लेकिन गुजरात मे तो चूनाव अभीए आया है ना. और उपर से आपने नरेन्द्र मोदी को पहले ही यमराज का दर्जा दे चुके हैँ. तो ऐसा कीजिए दिल्ली के ब्लू लाइन बस मालिक का पुरे लिस्ट बनाइए. उसमे देखिए कि कौन से बस मालिक का गुजरात के साथ सम्बन्ध है. रिश्ते नाते सब को देखिए. आपको कुछ बस मालिक ऐसे मिल जाएँगे जिसका ताल्लूकात गुजरात से रहा होगा. ऐसे लोगोँ के पास खुफिया कैमरे के साथ जाइए. पुछिए क्या उनमे से कोई नरेन्द्र मोदी को जानते हैँ. यदि नही जानते हैँ. तब भी कोनो बात नही. उनमे से कोइयो-ना-कोइयो नरेन्द्र मोदी के मन्त्री परिषद मे से किसी मन्त्री को जानता ही होगा. यदि आप आम आदमी की तरह जाएँगे तो वे अपनी मन्त्री जी के साथ जान्पहचान को बढा चढा कर बोलेगा ही. फिर क्या है. केवल एक लाइन उन करकजले से बोलबा लीजिए कि नरेन्द्र मोदी कान्ग्रेस सरकार से बदला लेने के लिए दिल्ली के ब्लू-लाइन बस द्वारा हत्या करवा रहे हैं ताकि कन्ग्रे सरकार की बदनामी हो. फिर दे दीजिए समाचार पढकर जोर से नाटक करने वाले अपने किसी चपन्डुक को. फिर से वह चपन्डुक रात के १० बजे जोर जोर से ताली बजा कर बाएँ हाथ मे दाएँ हाथ की पाँचो अँगूलियों को गोल गोल घुमाकर ऐसे चिल्लएँगे कि मानो नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली मे ब्लू-लाइन बसोँ के जरिए फिर से मौत का ठीका सचमुच लिया हो. और उपरवालों की दया से यदि इस बात से दिल्ली के सीधे साधे मुसलमान भडक गए तो आपका टी.आर.पी के क्या कहने.
इसीलिए ऐ आजतक वाले भैय्या अब अच्छी-अच्छी खबर को रहने दीजिए और मेरी बात मानिए कि नन्दीग्राम और ब्लूलाइन बसो पर आधारित खबर प्रसारित कीजिए. देखिए कैसे चमकत है आपका सितारा.
बन्धूगण आज मैने आजतक को फुल-बकवास करने का कुछ अच्छा सलाह दिया. आशा है आजतक को मेरा सलाह पसन्द होगा. फिलहाल आप आज लिखिएगा कैसा रहा मेरा आज का बकवास

6 comments:
aap Badhiya Likhate hain !
Read me on
http://daalaan.blogspot.com
Mukhiya
भैया आज हमरे सिकूटर के किसीने टकर मारी हमको लगता है ई भी नरिंदर ...ऊऊऊ...मोदी ही हो सकता हहै
:)
अरे डॉक्टर साहब मेरी साईकिल कुछ दिन पहले खो गई थी कहीं....?
मजा आ गया; क्या लिखते हैं आप।
बढिया व्यंग।
media wale yahi to karte hi hain, unhe salah ki kya awashyakta. han, is bar unse chuk ho gayi hai aur shyad sampadkon ne aapka post padhne ke bad apne maathaton ko jabardast jhidki bhi pila di hogi ki kya kar rahe the aaplog. aapke dimag me ye kurafati idiea kyon nahi aaya. trp ki to ........di hai aap logon ne.
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